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ज्योतिर्मठ । देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र वादियों में कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, जहाँ भगवान बद्रीविशाल के शीतकालीन निवास स्थान नृसिंह मंदिर में दर्शन के लिए सात समंदर पार से आए यूरोपीय श्रद्धालुओं का एक दल पहुंचा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे इन विदेशी तीर्थयात्रियों ने जब ‘जय बद्री विशाल’ के जयकारे लगाए, तो पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि इस शीतकाल में अब तक 10,500 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिनमें सोमवार सुबह पहुंचे यूरोप के एक दर्जन से अधिक यात्री भी शामिल थे, जिन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
यूरोप के विभिन्न देशों से आए इन श्रद्धालुओं ने भगवान नरसिंह का आशीर्वाद लिया और साझा किया कि हिमालय की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहाँ का सुकून अद्भुत है। एक श्रद्धालु ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया भर की यात्रा के बाद जो आत्मिक शांति उन्हें इस गद्दी स्थल पर मिली, वह शब्दों से परे है। स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों ने विदेशी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर समिति के अनुसार, शीतकाल में मुख्य धाम के कपाट बंद होने के दौरान ज्योतिर्मठ के इस प्राचीन मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है, और विदेशी भक्तों की यह आमद देवभूमि की वैश्विक ख्याति के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रही है।
